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शनिवार, 17 सितंबर 2016

Dimensions आयाम कितने होते है, कैसे होते है हम कौनसे आयाम में रहते है -Dimensions Dimensions are many, how do we live in what is the dimension -

 Irfan point     भौतिक विज्ञान, यूनिवर्स रहस्य, ये भी जाने, रोचक जानकारी, समय यात्रा   

यूनिवर्स कुल ज्ञात  11 Dimensions से बना होता है. लेकिन हम अभी तक 6 आयामों के बारे ही जानते है  -आज हम आपको बतायेंगे की वो कोण कोण से है और हम किस आयाम में रहते है -तो तेयार हो जाईये इस सफर के लिए --
Dimensions आयाम कितने होते है, कैसे होते है हम कौनसे आयाम में रहते है -Dimensions Dimensions are many, how do we live in what is the dimension

0th Dimension-0 आयाम

0th Dimension को समज ने के लिए आप एक बिन्दु को ले लीजिये. यहाँ पर लंबाई, चौड़ाई, और गहराई  जैसी कोई भी चीज़ नहीं होती. अगर आप यहाँ होते तो आप को केवल एक ही जगह पर रहना पड़ता क्योंकि यहाँ आपके लिए न ही कोई दाया-बाया होता और न ही उपर-नीचें. आप किसी भी दिशा में किसी भी तरह की मूवमेंट नहीं कर सकेंगे. आपका सारा जीवन एक ही बिन्दु पर समाप्त हो जाएगा.

1st Dimension-एक आयाम

जैसे की हमने 0th Dimension  में देखा की वहाँ का अस्तित्व एक बिन्दु में ही होता हैं. अगर हम ऐसे दो बिन्दुओं को ले और उनको जोड़े तो वह एक रेखा बनेगी. यह रेखा 1st Dimension को दर्शाती हैं. अगर आप यहाँ होते तो एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु की तरफ केवल एक ही दिशा में मूवमेंट कर सकते. अगर आप 1st Dimension के प्राणी होते आपके लिए केवल “आगे-पीछें” जैसी चीज़ होती. आप को यहाँ दाएं-बाएँ या उपर-नीचे जैसी चीजों के बारे में कोई भी आईडिया न होता.

2nd Dimension- दूसरा आयाम

1st Dimension एक रेखा जैसी रचना का ही अस्तित्व होता हैं. अगर हम ऐसी दूसरी रेखा को ले और दोनों रेखाओं को जोड़ दे तो हमे मिलेंगा 2nd Dimension. यहाँ पर हम लम्बाई और चौड़ाई होगी लेकिन गहराई नहीं होगी. दूसरी भाषा में कहे तो अगर आप 2nd Dimension में रहनेवाले प्राणी होते तो आप आगे-पीछें और दाएं-बाएँ, किसी भी दिशा में जा सकते थे. लेकिन यहाँ पर भी आप को उपर-नीचे जैसी चीज़ का कोई आईडिया न होता. महान वैज्ञानिक Carl Sagan ने 2nd Dimension के प्राणियों को Flatlanders नाम दिया था. वोह कुछ प्लेयिंग कार्ड्स में होते चित्रों की तरह दीखते हैं. उन्हें ऊपर दी गयी तस्वीरों में दिखाया गया हैं. आप इस वक़्त यह ब्लॉग अपने कंप्यूटर या मोबाइल पर 2D में ही देख रहे हैं.

3rd Dimension-तीसरा आयाम 

आप अभी 3rd Dimension में हैं इसलिए आप ऊंचाई और गहराई को महसूस कर सकते हैं. यहाँ पर आप आगे-पीछें, दाएं-बाएँ और उपर-नीचे तीनो चीजों को समज सकते हैं और महसूस कर सकते हैं. आप इस वक्त जिस ब्रह्माण्ड को समज रहे हैं वह 3rd Dimension के हिसाब से समज रहे हैं. लेकिन यहाँ पर एक गौर करने लायक बात हैं जिसे समजना बहुत जरुरी हैं. आप 3rd Dimension में रह कर किसी चीज़ को देखते हैं वह हमेशां 2D में ही देखते हैं. आप वास्तव में 3D चीजें देख नहीं सकते, केवल उन्हें महसूस कर सकते हैं. हम 3rd Dimension में रहकर आगे के तीन Dimensions को तो आसानी से समज सकते हैं. लेकिन हमारे 3rd Dimension के आगे के Dimensions को हमारे लिए समजना बहुत ही मुश्किल हैं. इन Dimensions को न हम कभी देख सकते हैं और न ही महसूस कर सकते हैं. क्योंकि आप केवल अपने से निचे के Dimensions को ही देख और समज सकते हैं. इसलिए आगे के Dimensions के बारे में हम गणित और विज्ञान की मदद से कल्पना कर सकते हैं.


Fourth Dimensional-चोथा आयाम 

हम कह सकते हैं की हैं की 0th Dimension कुछ नहीं’ हैं, 1st Dimension लम्बाई हैं, 2nd Dimension चौड़ाई हैं और 3rd Dimension गहराई हैं. तो 4th  Dimension क्या हो सकता हैं? वैज्ञानिको का मानना हैं की 4th Dimension समय(TIME) हैं. यहाँ पर समय का मतलब हैं अवधि. अगर आप 4th Dimension में रहनेवाले प्राणी हैं तो आप समय में आगे और पीछे कहीं भी जा सकते हैं.

Fifth Dimensional-पाचवां आयाम 

अगर आप 5th Dimension के प्राणी हैं तो आप समय में आगे पीछे जाने के अलावा समय में किसी भी दिशा में जा सकते हैं. समय में किसी भी दिशा में जाना !! सुनकर दंग रह गए ना. इसे इमेजिन करना भी हमारे लिए नामुमकिन हैं क्योंकि हम अपने से ऊपर के Dimensions को कभी नहीं समज सकते. लेकिन मेरे ख्याल से यहाँ पर समय में किसी भी दिशा में जाने का मतलब हैं : संभावनाए. मतलब 5th Dimension के प्राणी समय में किसी भी संभावना को देख सकते हैं या महसूस कर सकते हैं.

मेरा सुजाव हैं की आप 5th Dimension को अच्छे से समजने के लिए Christopher Nolan की मूवी Interstellar जरुर देखिएगा. String Theory के मुताबिक कुदरत में 11 Dimensions हो सकते हैं. 6th से 11th Dimensions अनंत और सोच की सीमाओं के बहार की संभावनाओं से भरे हो सकते हैं. लेकिन उन्हें देखना हमारे लिए मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हैं.

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क्या हम वापस भुतकाल में वापस जा सकते है -can We go back into the past -

 Irfan point     ये भी जाने, समय यात्रा   

आज हम बात करेंगे समययात्रा से जुड़े कुछ विरोधाभास की in Hindi. Time Travel Paradox: Bootstrap Paradox, Butterfly effect and Multiverse Theory.जिसमे Grandfather Paradox, Predestination Paradox अन्य जैसे कई विरोधाभास शामिल हैं

क्या हम वापस भुतकाल में वापस जा सकते है -can We go back into the past -

.The Grandfather Paradox hindi -दादाजी का क़त्ल विरोधाभासइस

दादाजी का क़त्ल विरोधाभासइस विरोधाभास के मुताबिक अगर आप किसी समययात्रा करनेवाली मशीन में बैठकर, समय में 80 साल पीछे जाकर, अपने दादाजी का क़त्ल कर देते हैं तब क्या होंगा? तब आपके पिता का कोई अस्तित्व ही नहीं था और इसलिए आप भी कभी पैदा नहीं हुए थे. लेकिन अगर आप कभी पैदा ही नहीं हुए थे तो आप समय में 80 साल पीछे जाकर अपने दादाजी का क़त्ल कैसे कर सकते हैं? क्योंकि आपके दादाजी जिन्दा थे तभी तो आप टाइम मशीन में बैठकर समययात्रा कर सके.
अगर आप अतीत में कोई क्रिया करते हैं तो वह आपके लिए वर्तमान में समययात्रा करना असंभव बना देती हैं. इसका तो यही मतलब हुआ की आप अतीत में कभी समययात्रा कर ही नहीं सकते हैं.
या फिर कई science फ्रिक्शन मूवीज की तरह आप अतीत में समययात्रा कर तो सकते हैं लेकिन अपने दादाजी को कभी मार नहीं सकते. जैसा की मूवी Man in Black 3 में दिखाया गया हैं. जो हो गया हैं वह कभी बदला नहीं जा सकता हैं. आप भूतकाल में गए थे, यह तब होना ही था. यह जरुरी था. आप वहाँ नहीं जाते तब पूरी टाइमलाइन गड़बड़ा जाती.

The Hitler Paradox hindi हिटलर का क़त्ल विरोधाभास

यह Grandfather Paradox का ही एक प्रकार हैं. Hitler Paradox इसलिए लोकप्रिय है क्योंकि इसके मुताबिक हिटलर को द्वितीय विश्व युद्ध के होने से पहले ही मार दिया जा सकता था. Grandfather Paradox के अनुसार अगर आप अतीत में कोई क्रिया करते हैं तो वह आपके लिए वर्तमान में समययात्रा करना असंभव बना देती हैं, लेकिन Hitler Paradox के मुताबिक ऐसा कार्य करना जो अतीत में जाने का आपका उद्देश्य ही समाप्त कर दे. चलिए अपनी टाइम मशीन में बैठकर 1932 में चले जाइए और हिटलर को बचपन में ही मार दीजिए. तब द्वितीय विश्व युद्ध कभी होता ही नहीं और लाखोँ जाने बच जाती.

Predestination Paradox पूर्वनियति विरोधाभास

यह एक इंट्रेस्टिंग विरोधाभास हैं. आप एक परिदृश्य पर विचार करें. अपने स्विमिंग पाठ्यक्रम के पहले दिन, आपको भविष्य से एक चिंताजनक संदेश प्राप्त होता है: “आप 2024 में डूबने से मर जाएगे”. आपने इस विषय में कोई भी गलती नहीं करने का निर्णय लिया. आपने जीवन में कभी भी पानी में न जाने का निर्णय लिया.
ठीक 10 साल बाद आपके साथ एक दुर्घटना होती हैं. आपके किसी पूल पर जाते वक़्त आपकी कार पानी में गिर जाती हैं. आप कार में से बाहर निकल आते हैं और पानी का प्रवाह भी ज्यादा तेज नहीं हैं. लेकिन फिर भी आप डूब जाते हैं. क्योंकि आपने कभी भी तैरना नहीं सिखा था. आप हमेशां पानी से दूर ही भागते रहे.
अपने भविष्य को बदलने की कोशिश में आपने उसे बनाने के लिए अपनी पूरी भूमिका निभाई.

ausal loop or The Bootstrap Paradox

यह समययात्रा का एक ऐसा विरोधाभास हैं जिससे भविष्य की घटनाएँ भूतकाल की घटना का कारण बनती हैं,जो की भविष्य में घटना का कारण बनती हैं. दोनों घटनाए space time (स्पेस-टाइम) में मौजूद होती हैं लेकिन उनके मूल को निर्धारित नहीं किया जा सकता है.

The Butterfly effect hindi बटरफ्लाई इफ़ेक्ट

 यह विरोधाभास The Hitler Paradox के जैसा ही हैं लेकिन थोड़े अलग स्तर पर. मान लीजिए की आपने गलती से अतीत में एक कीड़े या तितली पर कदम रख दिया. क्या होगा? आप कहेंगे इससे क्या होंगा? कुछ नहीं. लेकिन ऐसा नहीं हैं. ज़रा फिर से सोचिये.भूतकाल में एक छोटा सा बदलाव भविष्य और वर्तमान में बहुत ही गंभीर बदलाव ला सकता हैं. आपके तितली के मारने पर आप जब वर्तमान में वापस आएँगे तो कुछ और ही नजारा पाएंगे. आप वर्तमान में सबकुछ जैसा छोड़कर गए थे वैसा कुछ भी नहीं होंगा. आपका घर, आपके माता-पिता, आपके दोस्त, कुछ भी नहीं.मान लीजिये आप उस वक़्त में चले गए जब न्यूटन सेब के उस पेड़ के निचे बैठे थे. आप 5 मीटर की दूरी से उन्हें देख रहे हैं, तभी एक तितली आप पर बैठती हैं और आपने उसे हाथ से जापट मारा. वह तितली बिलकुल उसी वक़्त न्यूटन के पास गई जब वह सेब गिर रहा था हैं. न्यूटन तितली को देखने के चक्कर में उस सेब को देखना भूल जाते हैं…लीजिए, खेल ख़तम..आपके वापस वर्तमान में आने पर कभी भी गुरुत्वाकर्षण की खोज नहीं हुई होंगी और किसी भी तरह की मशीने भी नहीं बनी होंगी. और शायद आप यह ब्लॉग भी नहीं पढ़ रहे होगे.

The Multiverse theory मल्टीवर्स का सिद्धांत

HiHyl4uयह थ्योरी समय यात्रा के दौरान अलग अलग timelines वाले अलग अलग समानांतर ब्रह्माण्ड (Parallel Universe) के अस्तित्व की ओर इशारा करती हैं. इसके अनुसार आपके अतीत में जाने पर वहां से एक नईं टाइमलाइन शुरू हो जाएंगी.
मतलब की अगर आप भूतकाल में जाते हैं और अपने दादाजी का क़त्ल कर देते हैं तो…तो कुछ भी नहीं होंगा. आपने एक नयी टाइमलाइन बना दी हैं जो की अस्तित्व में नहीं हैं. लेकिन ओरिजिनल टाइमलाइन पर इसका कोई भी असर नहीं हुआ होंगा. बस आप अपनी ओरिजिनल टाइमलाइन में कभी वापस नहीं आ पाएँगे.
लेकिन अगर आप भविष्य में समययात्रा कर पाएंगे या नहीं यह जानना चाहते हैं तो एक काम कीजिये. कोई एक तारीख तय कीजिए और बड़ा सा फंक्शन रखिये. वहां पर एक स्टेज बनाइये. सोचिये अगर आप भविष्य में समययात्रा करते होंगे तो भूतकाल में आपके द्वारा तय की गई हुई तारीख और जगह पर ही आना चाहेंगे. अगर आपका नसीब अच्छा रहा तो आपका भविष्य का वर्जन उस स्टेज पर प्रकट होगा. क्यों सही कहा ना…और अगर प्रकट नहीं हुआ तो आपको बहुत ही दुःख होंगा…
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शुक्रवार, 16 सितंबर 2016

TIME TRAVEL-क्या समय यात्रा की जा सकती है -What can time travel.

 Irfan point     विज्ञानं, समय यात्रा   

समय यात्रा TIME TRAVEL के बारे में सोचना दिमाग चकरा देनेवाली बात हैं. क्या समय यात्रा संभव हैं? Is Time Travel Possible? Time Travel Theory के अनुसार, क्या होगा अगर आप समय में पीछे भूतकाल में जाकर अपने माता-पिता को मिलने से रोक दे. उन्हें कभी एक-दूसरें से मिलने ही ना दे. इसका मतलब होगा की आप अपने खुद के जन्म को ही रोक देंगे. लेकिन अगर तब आपका जन्म ही नहीं हुआ था तो आप भूतकाल में कैसे जा सकते हैं. इस चीज़ का तो कोई मतलब ही नहीं होता.
TIME TRAVEL-क्या समय यात्रा की जा सकती है -What can time travel.

हम सब समय में यात्रा करते हैं. पिछले साल से में एक साल समय में आगे बढ़ चूका हूँ. दूसरें शब्दों में कहूँ तो हम सब प्रति घंटे 1 घंटा की दर से समय में यात्रा करते हैं. लेकिन यहाँ पर सवाल यह है कि क्या हम प्रति घंटे 1 घंटा की दर से भी ज्यादा तेजी से यात्रा कर सकते है? क्या हम समय में पीछे जा सकते हैं? क्या हम प्रति घंटे 2 घंटे की रफ़्तार से यात्रा कर सकते है? 20 वी सदी के महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने विशेष सापेक्षता (Special Relativity) नामक सिद्धांत विकसित किया था. विशेष सापेक्षता के सिध्धांत के बारे में तो कल्पना करना भी मुश्किल हैं क्योंकि यह रोजमर्रा की जिंदगी से कुछ अलग तरह की ही चीज़े उजागर करता हैं. इस सिध्धांत के मुताबिक समय और अंतरिक्ष एक ही चीज़ हैं. दोनों एकदूसरे से जुड़े हुए हैं. जिसे space-time भी कहते हैं. space-time में कोई भी चीज़ यात्रा कर रही हो उसकी गति की एक सीमा हैं- 3 लाख किलोमीटर. यह प्रकाश की गति हैं.

Theory of relativity-सापेक्षता का सिदान्त क्या कहता है -


विशेष सापेक्षता का सिध्धांत यह भी दर्शाता हैं की space-time में यात्रा करते वक्त कई आश्चर्यजनक चीजे होती हैं, खास कर के जब आप प्रकाश की गति या उसके आसपास की गति पा लेते हैं. जिन लोगो को आपने पृथ्वी पर पीछे छोड़ दिया हैं उनकी तुलना में आपके लिए समय की गति कम हो जाएगी. आप इस असर को वापस आए बिना नोटिस नहीं कर सकते हैं. सोचिए की आपकी उम्र अभी 15 साल की हैं और आप एक अंतरिक्ष यान में प्रकाश की गति की तुलना में 99.5% तक की गति पा लेते हैं. अपनी यात्रा के दौरान आपने अपने 5 जनमदिन सेलिब्रेट किए, यानी आपने अंतरिक्ष यान में 5 साल बिताए. 5 साल के सफ़र के बाद आप 20 साल की उम्र में अपने घर वापस आते हैं. आप देखेंगे की आपकी उम्र के आपके दोस्त 65 साल के हो गए होंगे. क्योंकि अंतरिक्ष यान में समय आपके लिए ज्यादा धीरे से बिता था. आपने जितने समय में 5 साल अनुभव किए उनते ही समय में आपके दोस्तों ने 50 साल महसूस किए.
time travel
आप जितनी तेज मूवमेंट करेंगे समय की गति आपके लिए कम हो जाएगी. मेरा खूद का एक अनुभव बताता हूँ. जब में सुबह जोगिंग करने के लिए जाता हूँ तब ज्यादातर मेरे काने में headphones लगे हुए होते हैं. मैंने कई बार नोटीस किया की जब में काफी देर तक दौड़ने के बाद थक जाता हूँ और मेरे दिल की धड़कन तेज हो जाती हैं तब में किसी जगह आराम के लिए रुकता हूँ. तब मेरे कान में लगे हुए headphones में बज रहा गाना काफी धीमी गति से चलता महसूस होता हैं. जैसे की किसी ने गाने की रफ़्तार कम कर दी हो. वैसे मेरे दौड़ने के दौरान भी गाने की गति धीमी ही महसूस होती हैं. यह बात सिर्फ दौड़ने के विषय तक ही सिमित नहीं हैं. ऐसी कोई भी मूवमेंट जो की काफी तेजी से की गयी हो और आप का दिल तेजी से धडकने लगा हो औए आप हाफ़ने लगे हो. समय की रफ़्तार आप को थोड़ी कम लगेगी. आप एक काम कीजिए अपने हाथ में अपनी घडी लीजिये और उसे पकड़कर उसे हवा में मूव कीजिए और देखीए. आप देखेंगे की घडी के मूवमेंट के दौरान एक एक सेकंड की टिक कुछ ज्यादा लम्बी लगेगी

आइंस्टीन के General Relativity अनुसार -

आइंस्टीन के General Relativity के सिध्धांत के मुताबिक किसी भी तरह के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में समय की रफ़्तार कम हो जाती हैं. जैसे समय की गति हमारी पृथ्वी पर अंतरिक्ष की तुलना में कम होगी. जैसे की किसी ब्लैक होल के नजदीक गुरुत्वाकर्षण बहुत तीव्र हो जाता हैं. ऐसी जगह पर समय की रफ़्तार बहुत ही कम हो जाती हैं. तीव्र गुरुत्वाकर्षण की वजह से space-time में कई विकृतियाँ पैदा हो जाती हैं. ऐसी विकृतियों से worm holes पैदा हो सकते हैं, जो की space-time में सफ़र करने के लिए शार्टकट हो सकते हैं. कुछ वैज्ञानिक तो ऐसा ही मानते हैं. जो भी हो मेरा तो यहीं मानना हैं की समय यात्रा सिर्फ भविष्य की ही मुमकिन हो सकती हैं. क्योंकि समय में पीछे जाना मुमकिन ही नहीं हैं. क्योंकि जो हो गया वह हम कभी बदल नहीं सकते लेकिन जो होनेवाला हैं वह अभी भी हाथ में हैं. हम शायद भविष्य की सैर कर सकते हैं लेकिन उसके लिए हमे बहुत ही उम्दा टेक्नोलॉजी की जरुरत होगी और बहुत ज्यादा उर्जा की भी जरुरत होगी.
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